भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी नौकरियों का दायरा अब केवल बेंगलुरु तक सीमित नहीं रहा। हालिया आंकड़ों के अनुसार, देश में AI हायरिंग में लगभग 59.5% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है, और यह वृद्धि अब नए शहरों तक फैलती दिख रही है।
नए शहरों में बढ़ रहा अवसर
जहां बेंगलुरु लंबे समय से देश का प्रमुख टेक हब रहा है, वहीं अब Hyderabad और Vijayawada जैसे शहर तेजी से उभर रहे हैं।
- हैदराबाद में AI नौकरियों में करीब 51% की वृद्धि
- विजयवाड़ा में लगभग 45.5% की बढ़ोतरी
यह संकेत देता है कि AI से जुड़े अवसर अब छोटे और मध्यम शहरों तक भी पहुंच रहे हैं।
बदलता हुआ ट्रेंड
पहले AI और टेक नौकरियां कुछ बड़े शहरों तक सीमित थीं, खासकर Bengaluru जैसे केंद्रों में। लेकिन अब धीरे-धीरे यह ट्रेंड बदल रहा है और देश के अन्य हिस्सों में भी टेक इकोसिस्टम विकसित हो रहा है।
वैश्विक स्तर पर भी समान स्थिति
दुनियाभर में भी यही रुझान देखा जा रहा है। San Francisco और Cambridge जैसे बड़े टेक हब अभी भी AI टैलेंट के प्रमुख केंद्र हैं, लेकिन छोटे शहरों में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है।
कंपनियों की भूमिका
बड़ी कंपनियां अब भी AI टैलेंट को सबसे ज्यादा रोजगार दे रही हैं क्योंकि उनके पास संसाधन और इंफ्रास्ट्रक्चर अधिक होता है।
वहीं, छोटे और मध्यम व्यवसाय (SMBs) भी पीछे नहीं हैं। वे अब AI टूल्स और नई तकनीकों को अपनाकर अपने काम को बेहतर बनाने में जुटे हैं।
एंट्री-लेवल जॉब्स पर असर?
AI के कारण शुरुआती स्तर की नौकरियों पर असर को लेकर चिंता जताई जाती रही है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि एंट्री-लेवल हायरिंग में गिरावट केवल AI की वजह से नहीं, बल्कि व्यापक आर्थिक परिस्थितियों से भी जुड़ी हो सकती है।
अलग-अलग सेक्टर में बढ़ता उपयोग
अब AI का इस्तेमाल सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है। मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
AI स्किल्स जैसे:
- AI एजेंट्स
- ऑटोमेशन
- प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग
आज के समय में प्रोफेशनल्स के लिए बेहद जरूरी बनते जा रहे हैं।
निष्कर्ष
भारत में AI नौकरियों का विस्तार अब बड़े शहरों से निकलकर नए क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। यह बदलाव आने वाले समय में रोजगार के अवसरों को और व्यापक बना सकता है और देश के अलग-अलग हिस्सों को तकनीकी विकास से जोड़ सकता है।

